पश्चिम बंगाल सरकार की Annapurna Yojana प्रदेश की महिलाओं को हर महीने सीधी आर्थिक मदद देने वाली योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजे जाते हैं। योजना की शुरुआत 1 जून 2026 से हुई और पहली किस्त 3 जून 2026 को भेजी गई।
पहले बंगाल में लक्ष्मी भंडार योजना चलती थी, जिसमें महिलाओं को 1500 से 1700 रुपये मिलते थे। अब उसकी जगह अन्नपूर्णा योजना आ गई है और राशि बढ़कर 3000 रुपये हो गई है। लक्ष्मी भंडार की ज्यादातर लाभार्थी महिलाओं को अपने आप इस नई योजना में शामिल कर लिया गया है। बंगाली में इसे অন্নপূর্ণা যোজনা कहा जाता है।
अंतिम सत्यापन: 21 अक्टूबर 2026 • आधार: सरकारी अधिसूचना, आधिकारिक पोर्टल और भरोसेमंद समाचार स्रोत (सूची लेख के अंत में) • यह एक स्वतंत्र सूचना लेख है, सरकारी वेबसाइट नहीं।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Yojana) |
| राज्य | पश्चिम बंगाल |
| विभाग | महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग |
| अधिसूचना | नंबर 2411-WCD/O/AB-4/2026, तारीख 19 मई 2026 |
| राशि | 3000 रुपये हर महीने (36,000 रुपये सालाना) |
| उम्र | 25 से 60 वर्ष |
| भुगतान का तरीका | डीबीटी, आधार से जुड़े बैंक खाते में |
| पोर्टल | socialregistry.wb.gov.in |
| मंजूरी देने वाले अधिकारी | जिलाधिकारी (DM), कोलकाता में KMC कमिश्नर |
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा शुरू की गई Annapurna Yojana क्या है?
अन्नपूर्णा योजना पश्चिम बंगाल की महिलाओं को हर महीने निश्चित आर्थिक सहायता देने वाली योजना है। सरकार ने 19 मई 2026 को इसकी अधिसूचना जारी की और 1 जून 2026 से इसे लागू किया। इसके तहत 25 से 60 वर्ष की उन महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये मिलते हैं जो आयकर नहीं भरतीं और स्थायी सरकारी नौकरी या सरकारी पेंशन नहीं लेतीं।
पैसा महिला के अपने नाम वाले, आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी से आता है। आवेदन की जांच ब्लॉक और अनुमंडल स्तर पर होती है और अंतिम मंजूरी जिलाधिकारी देते हैं। आवेदन और उसकी स्थिति देखने का काम सरकार के Family Level Data Collection Portal यानी socialregistry.wb.gov.in पर होता है।

अन्नपूर्णा योजना क्यों चलाई गई और इसका उद्देश्य क्या है?
सरकार ने अधिसूचना में साफ लिखा है कि यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए है। इसके पीछे कुछ मुख्य मकसद हैं:
- महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना: बहुत सी महिलाओं के पास अपना कोई पैसा नहीं होता। हर महीने तय राशि मिलने से वे छोटी-छोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहतीं।
- घर के खर्च में सहारा: राशन, दवा, बच्चों की फीस और रोजमर्रा के खर्चों में यह 3000 रुपये बड़ा सहारा बनते हैं। इसी वजह से योजना का नाम अन्नपूर्णा रखा गया, यानी घर में अन्न और जरूरत की कमी न हो।
- पुरानी योजना से ज्यादा लाभ: लक्ष्मी भंडार में 1500 से 1700 रुपये मिलते थे। अन्नपूर्णा में यह राशि लगभग दोगुनी कर दी गई है।
- पारदर्शी भुगतान: पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे महिला के खाते में जाता है। इससे गड़बड़ी की गुंजाइश कम होती है।
- सही लोगों तक लाभ: हर आवेदन की जांच होती है, ताकि पैसा सिर्फ पात्र महिलाओं को मिले।
नोट- सरकार का मानना है कि महिला के हाथ में नियमित पैसा आने से पूरे परिवार की हालत सुधरती है। यही इस योजना की मूल सोच है।
अन्नपूर्णा योजना की खासियत जो इसे अलग बनाती है
- हर महीने 3000 रुपये: एक बार की मदद नहीं, बल्कि हर महीने नियमित राशि मिलती है।
- पैसा सिर्फ महिला के खाते में: राशि पति या परिवार के किसी और के खाते में नहीं जाती। खाता महिला के अपने नाम पर और आधार से जुड़ा होना चाहिए।
- पुरानी लाभार्थियों का अपने आप ट्रांसफर: लक्ष्मी भंडार की ज्यादातर महिलाओं को नया आवेदन नहीं करना पड़ा। उन्हें सीधे अन्नपूर्णा योजना में शामिल किया गया।
- ऑनलाइन स्थिति जांच: आवेदन वाले मोबाइल नंबर और ओटीपी से पोर्टल पर अपनी स्थिति देखी जा सकती है।
- गांव और शहर दोनों में जांच की व्यवस्था: गांव में बीडीओ और शहर में एसडीओ आवेदनों की जांच करके सिफारिश करते हैं।
- अपील वाले मामलों में राहत: अगर किसी महिला ने SIR ट्रिब्यूनल में अपील की है या नागरिकता संशोधन कानून के तहत आवेदन किया है, तो फैसला आने तक उसे सहायता मिलती रहती है।
अन्नपूर्णा योजना से मिलने वाले लाभ क्या-क्या हैं?
- हर महीने 3000 रुपये: पात्र महिला को साल भर में कुल 36,000 रुपये मिलते हैं।
- डीबीटी से सीधा भुगतान: पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
- खर्च करने की आजादी: महिला इस राशि को अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च कर सकती है। खाना, दवा, बच्चों की पढ़ाई या छोटा काम शुरू करना, यह उसका फैसला है।
- त्योहारों से पहले किस्त: सितंबर की किस्त 17 सितंबर से भेजी गई और अक्टूबर की किस्त दुर्गा पूजा से पहले देने की बात मुख्यमंत्री ने कही थी।
- आत्मविश्वास और सम्मान: अपना पैसा होने से घर के फैसलों में महिला की बात का वजन बढ़ता है।
अगर आप जानना चाहती हैं कि अब तक कौन सी किस्त कब आई, तो किस्तों की तारीखें वाला लेख पढ़ें।
अन्नपूर्णा योजना के लिए पात्रता क्या है?
अधिसूचना के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए ये शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- महिला पश्चिम बंगाल की निवासी हो।
- उम्र 25 वर्ष से 60 वर्ष के बीच हो।
- महिला आयकर (इनकम टैक्स) न भरती हो।
- महिला स्थायी सरकारी नौकरी में न हो और नियमित सरकारी वेतन या पेंशन न लेती हो।
किन्हें लाभ नहीं मिलेगा:
- केंद्र या राज्य सरकार, सरकारी उपक्रम, वैधानिक संस्था, पंचायत, नगर पालिका या स्थानीय निकाय की स्थायी कर्मचारी या पेंशनधारी महिलाएं।
- सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारी।
- आयकर देने वाली महिलाएं।
- SIR-2026 में मृत, स्थानांतरित, हटाए गए या अनुपस्थित (ASDD) पाए गए मतदाता।
नोट- पात्रता की पूरी जानकारी, उदाहरण और आम भ्रम के लिए पात्रता की पूरी जानकारी वाला लेख देखें। हमारे टूल पेज पर डेमो पात्रता जांच टूल भी है।
अन्नपूर्णा योजना में लगने वाले दस्तावेज
मीडिया रिपोर्ट्स और आवेदन फॉर्म के आधार पर ये दस्तावेज और जानकारियां तैयार रखें:
- आधार कार्ड: महिला का अपना आधार, जिसमें नाम और जन्मतिथि सही हो।
- वोटर कार्ड (EPIC): फॉर्म में वोटर कार्ड की जानकारी मांगी जाती है।
- बैंक पासबुक: महिला के अपने नाम का खाता, जिसमें आधार सीडिंग और डीबीटी चालू हो।
- राशन कार्ड की जानकारी: फॉर्म में राशन कार्ड का विवरण भी भरना होता है।
- मोबाइल नंबर: आवेदन में दिया गया नंबर ही बाद में स्टेटस देखने के काम आता है।
- पासपोर्ट साइज फोटो: ऑफलाइन फॉर्म के साथ लग सकती है।
पूरी सूची और हर दस्तावेज से जुड़ी गलतियां जरूरी दस्तावेजों की सूची में बताई गई हैं।
अन्नपूर्णा योजना पोर्टल पर कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
सरकार का आधिकारिक पोर्टल socialregistry.wb.gov.in है। इसके होमपेज पर दो हिस्से दिखते हैं:
- Citizen / Family Login: आम महिलाएं यहां से आवेदन की स्थिति देख सकती हैं और क्लेम या शिकायत दर्ज कर सकती हैं। लॉगिन आवेदन वाले मोबाइल नंबर और ओटीपी से होता है।
- Department Officer Login: यह सिर्फ अधिकृत सरकारी अधिकारियों के लिए है।
- Enquiry Officer Login: जांच करने वाले अधिकारी इससे लॉगिन करते हैं। आम लोगों को इसमें कुछ नहीं करना होता।
पोर्टल का हर बटन क्या करता है, यह स्क्रीनशॉट के साथ अन्नपूर्णा योजना पोर्टल गाइड में समझाया गया है।
अन्नपूर्णा योजना में आवेदन कैसे करें?
1 जून 2026 से नए आवेदकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया था। साथ ही ब्लॉक, नगर पालिका दफ्तरों और सरकारी कैंपों में ऑफलाइन फॉर्म भी लिए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक नए आवेदन की ऑनलाइन खिड़की जुलाई 2026 के अंत में बंद हो गई।
अब मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि नवंबर और दिसंबर 2026 में जन कल्याण शिविर लगाए जाएंगे, जहां नए फॉर्म लिए जाएंगे। जिन महिलाओं ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे इन शिविरों का इंतजार करें।
- ऑनलाइन आवेदन का तरीका: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने का तरीका
- रजिस्ट्रेशन से जुड़ी पूरी जानकारी: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जानकारी
- ऑफलाइन फॉर्म कैसे भरें: अन्नपूर्णा योजना फॉर्म
अन्नपूर्णा योजना का स्टेटस कैसे चेक करें?
स्टेटस देखने का तरीका आसान है:
- मोबाइल या कंप्यूटर पर socialregistry.wb.gov.in खोलें।
- Access Citizen Portal पर क्लिक करें।
- अपना जिला चुनें।
- आवेदन में दिया गया 10 अंकों का मोबाइल नंबर डालें।
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा भरें और Request OTP दबाएं।
- मोबाइल पर आया 6 अंकों का ओटीपी डालकर लॉगिन करें और आवेदन की स्थिति देखें।

नोट- पोर्टल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के आवेदन में दर्ज किसी भी मोबाइल नंबर से लॉगिन की सुविधा देता है। स्टेटस के हर शब्द का मतलब जानने के लिए अन्नपूर्णा योजना स्टेटस चेक पढ़ें।
अन्नपूर्णा योजना में वेरिफिकेशन कैसे होता है?
हर आवेदन की जांच के बाद ही पैसा भेजा जाता है। अधिसूचना के अनुसार:
- अधिकृत अधिकारी हर आवेदन की जांच करते हैं।
- गांव में बीडीओ और शहर में एसडीओ जांच के बाद पात्र आवेदनों की ऑनलाइन सिफारिश जिलाधिकारी को करते हैं।
- कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में यह काम KMC के अधिकारी करते हैं।
- मंजूर हुए मामलों की जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होती है।
- जिलों में जिलाधिकारी और KMC क्षेत्र में KMC कमिश्नर अंतिम मंजूरी देते हैं।
वेरिफिकेशन के दौरान घर आकर या फोन पर पूछताछ भी हो सकती है। पूरी प्रक्रिया वेरिफिकेशन प्रक्रिया में है।
अब तक कितनी महिलाओं को लाभ मिला?
- 3 जून 2026 को पहली किस्त 28,25,769 महिलाओं को भेजी गई।
- जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार कुल 1.6 करोड़ आवेदन आए, जिनमें से करीब 26 लाख जांच में रद्द हुए।
- अगस्त 2026 में करीब 1.45 करोड़ महिलाओं को पैसा भेजा गया।
- सितंबर 2026 में करीब 1.5 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को किस्त मिली।
नोट- ये आंकड़े सरकारी घोषणाओं पर आधारित मीडिया रिपोर्ट्स से लिए गए हैं। आंकड़े समय के साथ बदलते रहते हैं।
खाते में पैसा न आए तो क्या करें?
सबसे पहले पोर्टल पर अपना स्टेटस देखें। अगर आवेदन मंजूर है लेकिन पैसा नहीं आया, तो ज्यादातर मामलों में वजह बैंक खाते में आधार सीडिंग न होना या खाता संयुक्त होना होता है। बैंक जाकर आधार सीडिंग और डीबीटी चालू करवाएं। पूरी जानकारी पैसा न आने के कारण और हल में दी गई है।
दूसरे राज्यों की अन्नपूर्णा योजना
“अन्नपूर्णा योजना” नाम से दूसरे राज्यों में भी योजनाएं चलती हैं, लेकिन उनके लाभ अलग हैं। जैसे महाराष्ट्र में साल में 3 मुफ्त गैस सिलेंडर, राजस्थान में मुफ्त फूड पैकेट और केंद्र सरकार की योजना में बुजुर्गों को 10 किलो मुफ्त अनाज। सभी राज्यों की तुलना सभी राज्यों की अन्नपूर्णा योजनाएं में देखें।
सावधानियां
- पोर्टल पर आवेदन और स्टेटस देखना पूरी तरह मुफ्त है। कोई पैसे मांगे तो सावधान रहें।
- कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक पासवर्ड नहीं मांगता।
- “आवेदन करवा देंगे” बोलकर लिंक भेजने वाले व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें। सिर्फ .gov.in वाली साइट इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
Annapurna Yojana 2026 पश्चिम बंगाल की करोड़ों महिलाओं के लिए हर महीने का भरोसेमंद सहारा बन गई है। 3000 रुपये की राशि घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अपनी सेहत के लिए बड़ा काम आती है। जिन महिलाओं का आवेदन मंजूर है, वे बैंक खाते का आधार सीडिंग सही रखें। जिनका आवेदन अभी तक नहीं हुआ है, वे नवंबर-दिसंबर के जन कल्याण शिविरों पर नजर रखें।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल socialregistry.wb.gov.in देखें या अपने ब्लॉक (BDO) या अनुमंडल (SDO) कार्यालय से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अन्नपूर्णा योजना में कितने पैसे मिलते हैं?
पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये मिलते हैं। साल भर में यह कुल 36,000 रुपये होते हैं।
अन्नपूर्णा योजना किस राज्य की योजना है?
3000 रुपये वाली अन्नपूर्णा योजना पश्चिम बंगाल सरकार की है। दूसरे राज्यों में इसी नाम की योजनाओं के लाभ अलग हैं।
अन्नपूर्णा योजना के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए?
महिला की उम्र 25 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
क्या लक्ष्मी भंडार वालों को दोबारा आवेदन करना होगा?
नहीं। लक्ष्मी भंडार की लाभार्थी महिलाओं को अपने आप अन्नपूर्णा योजना में शामिल किया गया, सिवाय उनके जो SIR-2026 में मृत, स्थानांतरित या हटाए गए पाए गए।
अन्नपूर्णा योजना की आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है?
आवेदन की स्थिति देखने के लिए आधिकारिक पोर्टल socialregistry.wb.gov.in है।
क्या सरकारी कर्मचारी महिला को लाभ मिलेगा?
नहीं। स्थायी सरकारी नौकरी करने वाली या सरकारी पेंशन लेने वाली महिलाएं पात्र नहीं हैं।
नया आवेदन कब होगा?
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार नवंबर और दिसंबर 2026 में जन कल्याण शिविरों में नए फॉर्म लिए जाएंगे।
पैसा किस खाते में आता है?
महिला के अपने नाम वाले, आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी के जरिए पैसा आता है।
स्रोत
- पश्चिम बंगाल सरकार, महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग, अधिसूचना 2411-WCD/O/AB-4/2026, 19.05.2026 (wbxpress.com पर प्रकाशित प्रति)
- आधिकारिक पोर्टल: socialregistry.wb.gov.in (21 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- News On AIR (आकाशवाणी), 20 मई 2026 और 1 जुलाई 2026 की खबरें
- Angel One News, 1 जुलाई 2026; Zee 24 Ghanta, 3 अक्टूबर 2026
अपडेट लॉग
- 21 अक्टूबर 2026: लेख के तथ्य आधिकारिक अधिसूचना, पोर्टल और समाचार स्रोतों से जांचे गए और आधिकारिक पोर्टल के स्क्रीनशॉट जोड़े गए।
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