यह एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। इसका किसी सरकारी विभाग से संबंध नहीं है।

Annapurna Yojana Verification Official Website: असली वेबसाइट कौन सी है, नकली साइटों से कैसे बचें

अन्नपूर्णा योजना में हर महीने 3000 रुपये मिलने की वजह से इंटरनेट पर इससे जुड़ी सैकड़ों वेबसाइटें बन गई हैं। कई वेबसाइटें खुद को “Annapurna Yojana Official Website” बताती हैं, जबकि वे सरकारी नहीं होतीं। कुछ तो फॉर्म भरवाने के नाम पर पैसे या ओटीपी तक मांग लेती हैं।

इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Annapurna Yojana Verification Official Website कौन सी है, असली पोर्टल कैसा दिखता है और नकली वेबसाइटों से कैसे बचें। इस लेख में असली पोर्टल के स्क्रीनशॉट के साथ पहचान के आसान तरीके बताए गए हैं।

अंतिम सत्यापन: 21 अक्टूबर 2026 • आधार: सरकारी अधिसूचना, आधिकारिक पोर्टल और भरोसेमंद समाचार स्रोत (सूची लेख के अंत में) • यह एक स्वतंत्र सूचना लेख है, सरकारी वेबसाइट नहीं।

जानकारीविवरण
आधिकारिक पोर्टलsocialregistry.wb.gov.in
पोर्टल का नामFamily Level Data Collection Portal
बनाने वाली संस्थानेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC)
देखरेखवित्त विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार
योजना चलाने वाला विभागमहिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग
लॉगिन शुल्कमुफ्त

Annapurna Yojana की आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है?

अन्नपूर्णा योजना के आवेदन, वेरिफिकेशन और स्टेटस से जुड़ा काम socialregistry.wb.gov.in पर होता है। जब हमने 21 अक्टूबर 2026 को यह पोर्टल देखा, तो उसके होमपेज पर “Government of West Bengal – Family Level Data Collection Portal” लिखा था। नीचे साफ लिखा था कि साइट को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने बनाया है और इसका कंटेंट, डेटा, प्रक्रिया और संचालन पश्चिम बंगाल सरकार का वित्त विभाग देखता है।

कुछ पुरानी रिपोर्ट्स में socialsecurity.wb.gov.in का भी जिक्र आता है। हमारी जांच में यह पता खोलने पर socialregistry.wb.gov.in वाले पोर्टल पर पहुंचाया गया। इसलिए अभी के लिए सीधा socialregistry.wb.gov.in ही इस्तेमाल करें।

असली पोर्टल की पहचान – .gov.in पता और नीचे NIC व वित्त विभाग का उल्लेख
असली पोर्टल की पहचान – .gov.in पता और नीचे NIC व वित्त विभाग का उल्लेख

असली पोर्टल पेज-दर-पेज कैसा दिखता है?

हमने खुद पोर्टल खोलकर हर पेज देखा। आप भी इन निशानियों से मिलान कर सकती हैं:

  • होमपेज: ऊपर तिरंगे जैसी पतली पट्टी, फिर “GOVERNMENT OF WEST BENGAL” नारंगी अक्षरों में और नीचे “Family Level Data Collection Portal”। पीछे कोलकाता की तस्वीर और दो कार्ड: Citizen / Family Login और Department Officer Login।
  • सिटीजन लॉगिन पेज: ऊपर बांग्ला में “পশ্চিমবঙ্গ সরকার” और “Government of West Bengal”। बीच में “Applicant Login”, फिर जिला चुनने का बॉक्स, मोबाइल नंबर का बॉक्स और “Request OTP” बटन।
  • जिला चुनने के बाद: “Security Captcha” वाला बॉक्स दिखता है, जिसमें टेढ़े-मेढ़े अक्षर होते हैं।
  • नीचे का हिस्सा: Legal Disclaimer, Copyright Policy, Privacy Policy, Hyperlink Policy और Terms & Condition के लिंक।
असली सिटीजन लॉगिन पेज – बांग्ला और अंग्रेजी दोनों में लिखा होता है
असली सिटीजन लॉगिन पेज – बांग्ला और अंग्रेजी दोनों में लिखा होता है

नोट- अगर कोई साइट इसी तरह की दिखे लेकिन उसका पता .gov.in पर खत्म न हो, तो वह नकली हो सकती है। रंग-रूप की नकल आसान है, पते की नहीं।

बांग्ला भाषा में जानकारी चाहिए तो?

पोर्टल के कई शब्द बांग्ला में लिखे हैं, जैसे “আপনার জেলা নির্বাচন করুন” (अपना जिला चुनें) और “নথিভুক্ত মোবাইল নম্বর” (दर्ज मोबाइल नंबर)। हमारी वेबसाइट पर ऊपर “भाषा चुनें” बटन है। उससे यह पूरा लेख বাংলা, मराठी, தமிழ் या अंग्रेजी में भी पढ़ा जा सकता है। ध्यान रखें कि अनुवाद मशीन से होता है, इसलिए नियम और तारीख हमेशा आधिकारिक स्रोत से मिलाएं।

वेरिफिकेशन के लिए वेबसाइट पर क्या-क्या होता है?

  • Citizen / Family Login: महिलाएं अपना वेरिफिकेशन स्टेटस और आवेदन की स्थिति देखती हैं, क्लेम या शिकायत दर्ज करती हैं।
  • Enquiry Officer Login: जांच अधिकारी अपनी जांच रिपोर्ट डालते हैं।
  • Department Officer Login: बीडीओ, एसडीओ और जिला अधिकारी सिफारिश और मंजूरी देते हैं।

यानी वेरिफिकेशन की पूरी कड़ी इसी एक वेबसाइट पर जुड़ी है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया की पूरी जानकारी वेरिफिकेशन प्रक्रिया में है।

असली वेबसाइट की पहचान कैसे करें?

  • पता .gov.in पर खत्म हो: सरकारी वेबसाइट का पता हमेशा .gov.in या .nic.in पर खत्म होता है। socialregistry.wb.gov.in में “wb.gov.in” साफ दिखता है।
  • पते में स्पेलिंग ध्यान से देखें: नकली साइटें मिलते-जुलते नाम रखती हैं, जैसे अक्षर बदलकर या बीच में अतिरिक्त शब्द जोड़कर।
  • नीचे NIC का नाम: असली पोर्टल के नीचे NIC और वित्त विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार का उल्लेख है।
  • लॉगिन सिर्फ ओटीपी से: आम नागरिक के लिए जिला, मोबाइल नंबर, कैप्चा और ओटीपी से लॉगिन होता है। कोई पैसे या बैंक पासवर्ड नहीं मांगा जाता।
  • विज्ञापन नहीं होते: सरकारी पोर्टल पर विज्ञापन या “अभी डाउनलोड करें” जैसे पॉपअप नहीं होते।

नकली वेबसाइट और फर्जीवाड़े के आम तरीके

  • “फॉर्म भरो, 3000 तुरंत” वाले लिंक: व्हाट्सएप या फेसबुक पर ऐसे लिंक आते हैं जो किसी निजी साइट पर ले जाते हैं।
  • रजिस्ट्रेशन फीस: कोई साइट 50, 100 या 500 रुपये “रजिस्ट्रेशन फीस” मांगे तो वह नकली है।
  • ओटीपी मांगने वाले कॉल: “मैं अन्नपूर्णा योजना दफ्तर से बोल रहा हूं, आपका पैसा अटका है, ओटीपी बताओ” जैसे कॉल धोखाधड़ी हैं।
  • एपीके ऐप डाउनलोड: अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड करवाकर फोन का कंट्रोल ले लिया जाता है।
  • “नाम जुड़वा देंगे” वाले दलाल: मंजूरी तय प्रक्रिया से होती है। पैसे लेकर नाम जुड़वाने का दावा गलत है।

नोट- कोई भी सरकारी अधिकारी या जांच अधिकारी फोन पर ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या बैंक पासवर्ड नहीं मांगता।

सूचना वेबसाइट और सरकारी वेबसाइट में फर्क

हमारी वेबसाइट annapurnayojanainfo.com जैसी साइटें सूचना वेबसाइट हैं। इनका काम सरल भाषा में जानकारी देना है। ये न आवेदन लेती हैं, न लॉगिन करवाती हैं और न ही पैसा भेजती हैं।

  • सरकारी वेबसाइट: आवेदन, लॉगिन, वेरिफिकेशन और भुगतान का असली काम।
  • सूचना वेबसाइट: प्रक्रिया समझाना, स्क्रीनशॉट से रास्ता दिखाना और सावधानियां बताना।

नोट- annapurnayojanainfo.com एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। इसका किसी सरकारी विभाग से संबंध नहीं है। हम कभी आपका मोबाइल नंबर, ओटीपी, आधार या बैंक जानकारी नहीं मांगते।

सुरक्षित तरीके से वेबसाइट कैसे खोलें?

  1. ब्राउजर के एड्रेस बार में खुद socialregistry.wb.gov.in टाइप करें।
  2. सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखने वाले विज्ञापन वाले लिंक पर क्लिक न करें।
  3. पेज खुलने पर पता दोबारा देखें और ताले का निशान (https) देखें।
  4. सिर्फ Access Citizen Portal बटन से लॉगिन करें।
  5. काम पूरा होने के बाद ब्राउजर बंद करें, खासकर दूसरे के फोन या साइबर कैफे में।

अगर आप ठगी का शिकार हो गईं तो क्या करें?

  • तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर को फोन करके खाता या कार्ड ब्लॉक करवाएं।
  • राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  • नजदीकी पुलिस थाने में जानकारी दें।
  • बीडीओ या नगर पालिका कार्यालय को भी बताएं, ताकि दूसरों को सावधान किया जा सके।

सोशल मीडिया पर आने वाली खबरों की जांच कैसे करें?

अन्नपूर्णा योजना से जुड़ी कई खबरें व्हाट्सएप और यूट्यूब पर तेजी से फैलती हैं, जैसे “अब 5000 रुपये मिलेंगे” या “कल से नए फॉर्म ऑनलाइन चालू”। ऐसी खबर पर भरोसा करने से पहले:

  • देखें कि खबर किसी सरकारी घोषणा, आकाशवाणी (News On AIR) या बड़े अखबार में आई है या नहीं।
  • खबर में तारीख, विभाग और अधिसूचना का जिक्र है या नहीं।
  • पोर्टल पर कोई नया विकल्प दिख रहा है या नहीं।

हम भी नई सरकारी घोषणा आने पर इस वेबसाइट के लेख अपडेट करते हैं और बदलाव की तारीख लिखते हैं।

पोर्टल के नीचे दिए लिंक का मतलब

असली पोर्टल के सबसे नीचे कुछ लिंक होते हैं। ये भी असली वेबसाइट की पहचान में मदद करते हैं:

  • Legal Disclaimer (कानूनी अस्वीकरण): वेबसाइट की जानकारी के इस्तेमाल से जुड़ी शर्तें।
  • Copyright Policy (कॉपीराइट नीति): वेबसाइट की सामग्री के इस्तेमाल के नियम।
  • Privacy Policy (गोपनीयता नीति): आपकी जानकारी कैसे रखी जाती है।
  • Hyperlink Policy: दूसरी वेबसाइटों के लिंक से जुड़े नियम।
  • Terms & Condition: पोर्टल इस्तेमाल करने की शर्तें।

इसके साथ लिखा होता है “Best Viewed in Google Chrome”, यानी पोर्टल Chrome ब्राउजर में सबसे अच्छा चलता है।

अन्नपूर्णा योजना से जुड़ी दूसरी भरोसेमंद सरकारी वेबसाइटें

  • myaadhaar.uidai.gov.in: बैंक खाते में आधार सीडिंग की स्थिति देखने के लिए। आधार बैंक सीडिंग और DBT
  • cybercrime.gov.in: ऑनलाइन ठगी की शिकायत के लिए।
  • आपके बैंक की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप: पैसा आया या नहीं, यह देखने के लिए।

इनके अलावा किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी डालने से पहले दो बार सोचें।

निष्कर्ष

Annapurna Yojana Verification Official Website socialregistry.wb.gov.in है। इसी पर आवेदन की स्थिति, वेरिफिकेशन और शिकायत का काम होता है। असली वेबसाइट की पहचान उसके .gov.in पते, NIC के उल्लेख और ओटीपी वाले मुफ्त लॉगिन से करें। फीस या ओटीपी मांगने वाली किसी भी साइट या कॉल से दूर रहें।

स्टेटस कैसे देखें, यह जानने के लिए अन्नपूर्णा योजना स्टेटस चेक पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

अन्नपूर्णा योजना की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

socialregistry.wb.gov.in, जिसे Family Level Data Collection Portal कहा जाता है।

क्या socialsecurity.wb.gov.in भी आधिकारिक है?

यह पश्चिम बंगाल सरकार का पता है। 21 अक्टूबर 2026 को हमारी जांच में यह socialregistry.wb.gov.in पर पहुंचा रहा था, इसलिए सीधे socialregistry.wb.gov.in इस्तेमाल करें।

क्या आधिकारिक वेबसाइट पर पैसे लगते हैं?

नहीं। लॉगिन, स्टेटस और शिकायत सब मुफ्त है।

कोई ओटीपी मांगे तो क्या करें?

किसी को ओटीपी न बताएं। ठगी हो जाए तो 1930 पर कॉल करें और बैंक को तुरंत सूचना दें।

क्या annapurnayojanainfo.com सरकारी वेबसाइट है?

नहीं। यह एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, जो सरल भाषा में जानकारी देती है।

असली वेबसाइट मोबाइल पर खुलती है?

हां, socialregistry.wb.gov.in मोबाइल पर भी ठीक से खुलती है।

स्रोत

  • आधिकारिक पोर्टल socialregistry.wb.gov.in (21 अक्टूबर 2026 को देखा गया; socialsecurity.wb.gov.in का रीडायरेक्ट भी उसी दिन जांचा गया)
  • अधिसूचना 2411-WCD/O/AB-4/2026, 19.05.2026
  • राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in और हेल्पलाइन 1930

अपडेट लॉग

  • 21 अक्टूबर 2026: लेख के तथ्य आधिकारिक अधिसूचना, पोर्टल और समाचार स्रोतों से जांचे गए और आधिकारिक पोर्टल के स्क्रीनशॉट जोड़े गए।

इस लेख में कोई गलती दिखे या नई सरकारी घोषणा आई हो, तो सुधार सुझाएं। हम जांच के बाद लेख अपडेट करते हैं।

ध्यान दें: annapurnayojanainfo.com एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, इसका किसी सरकारी विभाग से संबंध नहीं है। हम कोई आवेदन, लॉगिन या भुगतान नहीं करते और कभी ओटीपी/बैंक जानकारी नहीं मांगते। अंतिम नियम आधिकारिक अधिसूचना और पोर्टल के अनुसार मान्य होंगे।